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ब्राजील में ट्रंप और नेतन्याहू को लगा बड़ा झटका। फिलीस्तीन समर्थक राष्ट्रपति की जीत।

ईरान और अमेरिका जंग के बीच ट्रंप को एक बार फिर बड़ा झटका लगा हैं। ब्राजील में अमेरिका और इजराइल के आलोचक लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva)  की भारी मतो से जीत हुई और ट्रंप और नेतन्याहू के समर्थन के बावजूद अमेरिकी समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो की हार हुई। 

ब्राजील में चुनावी रिजल्ट 

ब्राजील में पहले दौर के चुनावों में लूला पीछे रह गए थे। पहले दौर के चुनावी रिजल्ट आने के बाद सभी को लगा इजराइल समर्थक बोल्सोनारो ब्राजील के नए राष्ट्रपति बन सकते है लेकिन दूसरे दौर में बाजी पलट गई जिसमें लूला को बहुमत मिला। बोल्सोनारो की बुरी तरह हार हुई। 


पहले दौर का चुनावी रिजल्ट 

ब्राजील में पहले दौर के चुनाव 4 अक्टूबर को हुए थे। पहले दौर में ट्रंप , नेतन्याहू समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03% और फिलीस्तीन समर्थक लूला को 45.16% वोट मिले थे। 
आपको बता दे ब्राजील में राष्ट्रपति बनने के लिए 50% से ज्यादा वोट चाहिए किसी भी पार्टी को 50% से ज्यादा वोट न मिलने पर दोबारा चुनाव होते है और अगली बार केवल पहले दौर में हुए चुनाव में सबसे ज्यादा वोट लेने वाली शीर्ष २ पार्टी ही चुनाव में भाग ले सकती है। ब्राजील में पहले दौर में हुए चुनावों में किसी भी पार्टी को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले इसलिए ब्राजील में दोबारा चुनाव हुए। 

दूसरे दौर का चुनावी रिजल्ट 

पहले दौर में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर ब्राजील में दूसरे दौर के चुनाव 25 अक्टूबर 2026 को हुए। दूसरे दौर के चुनावों में बाजी पलट गई और लूला को पूर्ण बहुमत मिला। 
दूसरे दौर में लूला दा सिल्वा को 51.79% वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21% वोट मिले। लूला पूर्ण बहुमत के साथ ब्राजील के अगले राष्ट्रपति चुने गए। लूला ब्राजील के चौथी बार राष्ट्रपति बने हैं।

बोल्सोनारो का हार मानने से इनकार 

दूसरे दौर में हुए चुनाव में लूला की जीत के बाद बोल्सोनारो ने हार मानने से इनकार कर दिया और बोल्सोनारो की जीत की वजह चुनावों में धांधली बताया और चुनाव रद्द करने की मांग। उन्होंने मतदान का समय 2 घंटे बढ़ाए जाने का विरोध किया हालांकि , 26 अक्टूबर को उनकी लिबरल पार्टी ने आधिकारिक परिणाम को स्वीकार करने की बात कही। 

ट्रंप, नेतन्याहू को झटका

ट्रंप , ब्राजील में बोल्सोनारो की जीत चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील में लूला को हराने के लिए ब्राजील चुनावों में हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन ट्रंप कामयाब नहीं हो पाए।  
नेतन्याहू ने भी चुनावों से पहले बोल्सोनारो का समर्थन किया। नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में बोल्सोनारो को इजराइल का सच्चा दोस्त बताया। 
बोल्सोनारो की हार , लूला की जीत ट्रंप और नेतन्याहू के लिए बड़ा झटका है। 
ब्राजील चुनाव रिजल्ट के बाद ट्रंप का रिएक्शन भी सामने आया है जिसमें ट्रंप बोल रहे है ब्राजील चुनावों में धांधली हुई है। ट्रंप ने ब्राजील में मतदान का समय बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई। 

ट्रंप,नेतन्याहू आलोचक है लूला 

लूला, ट्रंप और नेतन्याहू की नीतियों के खिलाफ बोलते रहे हैं। गाजा, फिलीस्तीन मुद्दे पर भी लूला इजराइल की आलोचना करते रहे है। अक्सर ट्रंप के फैसलों के खिलाफ भी लूला बोलते रहे है। ईरान पर ट्रंप के हमलों को लेकर भी लूला खिलाफ थे। 

ब्राजील में ट्रंप और नेतन्याहू के समर्थक रहे बोल्सोनारो की हार हुई और लूला की जीत हुई। ब्राजील में लूला दा सिल्वा 5 जनवरी 2027 को नए राष्ट्रपति पद के लिए शपथ लेंगे 

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